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अटल भूजल योजना

अटल भूजल योजना 2022

 

केंद्र सरकार द्वारा अटल भूजल योजना का आरंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से देश के 7 चिन्हित जल संकट वाले क्षेत्रों में स्थाई भूजल प्रबंधन के लिए सामुदायिक भागीदारी और मांग हस्तक्षेप पर जोर दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत जल जीवन मिशन के लिए बेहतर सोत्र स्थिरता, किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य में सकारात्मक योगदान और जल उपयोग की सुविधा के लिए समुदाय के व्यवहार में बदलाव लाने की परिकल्पना की गई है। अटल भूजल योजना के संचालन के लिए सरकार द्वारा 6000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जिसमें से 3000 करोड़ रुपए विश्व बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त किए जाएंगे एवं 3000 करोड़ रुपए का भारत सरकार योगदान देगी।

राज्य को सहायता अनुदान के रूप में इस योजना के अंतर्गत राशि प्रदान की जाएगी। अटल भूजल योजना का संचालन हरियाणा, गुजरात, कर्नाटका, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की 8353 जल संकट ग्रस्त ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।

अटल भूजल योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य चुनिंदा राज्यों के जल संकट ग्रस्त क्षेत्रों में भूजल संसाधनों के प्रबंधन में सुधार करना है। अटल भूजल योजना के माध्यम से भूजल के स्तर में सुधार आ सकेगा जिससे कि पानी की समस्या का निराकरण होगा। इस उद्देश्य को विभिन्न चल रही या नई केंद्रीय और राज्य योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से समुदाय के नेतृत्व में उचित निवेश/प्रबंधन कार्य को लागू कर के प्राप्त किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक तक जल उपलब्ध हो सकेगा। जिससे कि देश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। इसके अलावा यह योजना देश के नागरिकों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में भी कारगर साबित होगी।

 

अटल भूजल योजना स्कीम कॉम्पोनेंट

  • संस्थागत सिद्धि करण और क्षमता निर्माण घटक: – इस घटक के अंतर्गत सभी भाग लेने वाले राज्यों को थाई भूजल प्रबंधन करने में सक्षम बनाया जाएगा जिसके लिए मजबूत डेटाबेस, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामुदायिक भागीदारी का उपयोग किया जाएगा। इस कंपोनेंट के लिए सरकार द्वारा 1400 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
  • प्रोत्साहन घटक: इस घटक के अंतर्गत भूजल के स्तर को बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न चल रही योजनाओं के बीच समुदायिक भागीदारी, मांग प्रबंधन और अभिसरण पर जोर दिया जाएगा। इस घटक के संचालन के लिए सरकार द्वारा ₹4600 की राशि खर्च की जाएगी।

अटल भूजल योजना के अंतर्गत संवितरण से जुड़े संकेतक

  • भूजल डाटा/सूचना और रिपोर्ट का सार्वजनिक प्रकटीकरण – प्रोत्साहन निधि का 10%
  • समुदाय के नेतृत्व वाली जन सुरक्षा योजनाओं की तैयारी- प्रोत्साहन विधि का 15%
  • चालू योजनाओं के अभी सारण के माध्यम से हस्तक्षेप ओ का सार्वजनिक वित्त पोषण- प्रोत्साहन मिलेगा 20%
  • कुशल जल उपयोग के लिए प्रथाओं को अपनाना- प्रोत्साहन निधि का 40%
  • भूजल स्तर में गिरावट की दर में सुधार- प्रोत्साहन निधि का 15%

अटल भूजल योजना के लाभ तथा विशेषताएं

  • केंद्र सरकार द्वारा अटल भूजल योजना का आरंभ किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से देश के 7 चिन्हित जल संकट वाले क्षेत्रों में स्थाई भूजल प्रबंधन के लिए सामुदायिक भागीदारी और मांग हस्तक्षेप पर जोर दिया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत जल जीवन मिशन के लिए बेहतर सोत्र स्थिरता, किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य में सकारात्मक योगदान और जल उपयोग की सुविधा के लिए समुदाय के व्यवहार में बदलाव लाने की परिकल्पना की गई है।
  • अटल भूजल योजना के संचालन के लिए सरकार द्वारा 6000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
  • जिसमें से 3000 करोड़ रुपए विश्व बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त किए जाएंगे एवं 3000 करोड़ रुपए का भारत सरकार योगदान देगी।
  • राज्य को सहायता अनुदान के रूप में इस योजना के अंतर्गत राशि प्रदान की जाएगी।
  • अटल भूजल योजना का संचालन हरियाणा, गुजरात, कर्नाटका, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की 8353 जल संकट ग्रस्त ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।

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