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एमएसएमई - माइक्रो स्मॉल एवं मध्यम इंटरप्राइसेस

एमएसए - माइक्रो स्मॉल एवं मध्यम इंटरप्राइसेस

एमएसएम्ई का पूरा नाम माइक्रो स्मॉल एवं मध्यम इंटरप्राइसेस है. सूक्ष्म, छोटे एवं मध्यम व्यव्साय के क्षेत्र में उद्योग मंत्रालय द्वारा उद्योग  के सभी कार्यों को सुचारू रूप और अच्छे ढंग से चलाने के लिए कई बड़े और छोटे प्रकार के सरकार इनसे संबंधित नियम लाती रहती है। इन सभी छोटे एवं बड़े उद्योग क्षेत्रों में संबंधित नियम , विनियम और इसमें यदि कोई सुधार करने की आवश्यकता है , तो इससे संबंधित नए कानूनों का निर्माण भी किया जाता है।

एमएसएमई के प्रकार

मई 2020 में लोकडाउन के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्योग क्षेत्र में बड़े बदलाव की घोषणा की है. एमएसएमई की परिभाषा अब बदल गई है, इसके अंतर्गत अबी नयी रेंज आ गई है.

यह एक ऐसी सेवा है , जो सूक्ष्म , छोटे और मध्यम तीनों श्रेणी में आने वाले उद्योगपतियों के लिए एक प्रकार से सामान्य विकास और उनके आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उनको सहायता प्रदान करती है। इन तीनों व्यापार के क्षेत्र में यह एक प्रकार का रीड के हड्डी का कार्य करता है , जिसके बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। इसके अंतर्गत छोटे-बड़े मशीनी संयंत्रों की खरीददारी में लगने वाले पूंजी निवेश के अनुसार इसको वर्गीकृत किया जाता है जो इस प्रकार से निम्नलिखित है।

सूक्ष्म उद्योग (Micro) :-

इसके अंतर्गत 1 करोड़ का निवेश करने वाले निजना टर्नओवर 5 करोड़ है, वो यूनिट एवं कंपनी आएगी.

लघु कुटीर उद्योग (Small) :-

इसके अंतर्गत 10 करोड़ का निवेश करने वाली, जिनका टर्नओवर 50 करोड़ है, वो उद्योग है.

मध्यम उद्योग (Medium) :-

इसके अतंर्गत 20 करोड़ का निवेश करके 100 करोड़ का टर्नओवर तक पाने वाले बड़े उद्योग और कंपनी आएगी.

एमएसएमई की समवेग योजना क्या हैं ? यहाँ पढ़ें

भारत देश में एमएसएमई का महत्व (Micro, Small and Medium enterprises)

  • भारत के कुल 45% अर्थव्यवस्था का हिस्सेदार एमएसएमई भी है। यदि केंद्रीय एवं राज्य सरकार और बैंकिंग सेक्टर इसके अंतर्गत मिलने वाले लाभ को प्राप्त करना चाहते हैं , तो उनको सर्वप्रथम एमएसएमई में अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा।
  • सूक्ष्म एवं मध्यम वर्गीय उद्योगपतियों को इस सेवा के अंतर्गत अनेकों प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं जैसे कि :- कम ब्याज दर , उत्पादन शुल्क में छूट , योजना कर सब्सिडी और इतना ही नहीं अनेकों प्रकार के लाभ इसके अंतर्गत लोगों को प्रदान किए जाते हैं । उद्योग जगत में अन्य किसी चीजों पर छूट प्राप्त करने के लिए आपको सर्वप्रथम उद्योग आधार में अपना पंजीकरण करवाना बेहद जरूरी होता है , यह पंजीकरण तो सिर्फ एक वैकल्पिक रूप में किया जाता है।
  • अगर आप सूक्ष्मा , छोटे और मध्यम वर्गीय के किसी भी प्रकार के उद्योग का शुरुआत करना चाहते हैं , तो इस परिस्थिति में आपको एमएसएमई का प्रमाण पत्र चाहिए होता है।

एमएसएमई पंजीकरण से लाभ

इसके अंतर्गत आने वाले सभी पंजीकृत व्यापारियों को अनेकों प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं , जिनमें से कुछ मुख्य लाभ इस प्रकार से निम्नलिखित दिए गए हैं।

बैंकिंग के क्षेत्र में लाभ :-

इसमें पंजीकृत सभी व्यापारियों को बैंकों से लोन को प्राप्त करने में आसानी हो जाती है और इतना ही नहीं सामान्य ब्याज दरों के मुताबिक इसके अंतर्गत 1 या फिर 5 प्रतिशत का ब्याज दर सभी व्यापारियों से कम ही लिया जाता है।

राज्य सरकार द्वारा मिलने वाली छूट का लाभ :-

एमएसएमई में जितने भी व्यापारी पंजीकृत हैं , उन सभी लोगों को बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी की भी सहायता प्रदान की जाती है। एमएसएमई सब्सिडी के अंतर्गत सभी नए व्यापारियों को व्यवसाय में उपयोग होने वाली बिजली की खपत में भी उनको कुछ छूट प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त उसे राज्य की सरकार इसके अंतर्गत पंजीकृत व्यापारी को उसके बिक्री दर में भी काफी हद तक छूट प्रदान करती है।

कर में मिलने वाला लाभ :-

एमएसएमई के अंतर्गत सभी पंजीकृत उद्यमियों को उनके व्यापार में लगने वाले कर में भी कुछ छूट प्रदान की जाती है। इसके साथ ही सभी नए उद्यमियों को उनके प्रारंभिक व्यवसाय के वर्ष में कुछ प्रत्यक्ष रूप से छूट प्रदान की जाती है और इसके अतिरिक्त सरकार की सहायता से नए व्यापार को स्थापित करने वाले व्यापारियों को अनेकों प्रकार के उनके व्यवसाय से संबंधित सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। इन सभी चीजों की वजह से सभी नए व्यापारियों को आवश्यक लाभ की प्राप्ति भी हो जाती है।

केंद्र और राज्य सरकार के अनुमोदन का लाभ :-

इसके अंतर्गत पंजीकृत सभी व्यापारियों के व्यवसाय के संबंधित यदि कोई लाइसेंस या प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती है , तो उन्हें यह बड़ी ही आसानी से और शीघ्रता से प्राप्त हो जाता है। हमारे भारत की सरकार एमएसएमई और भी बढ़ावा देने के लिए इसके लिए अनेकों प्रकार के टेंडर आर निविदाएं लाते रहते हैं , जिससे हमारे देश में लघु व्यापार के क्षेत्र को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।

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एमएसएमई पंजीकरण योग्यता

एमएसएमई उद्यमी में आवेदन के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी अनिवार्य हैं:-

  • कोई भी बिजनेस जिसके लिए एमएसएमई से लोन लेना है वह 2 साल पुराना होना चाहिए।
  • जिस बिजनेस के लिए लोन लेना चाहते हैं उसकी सालाना टर्नओवर कम से कम 10 लाख या उससे अधिक होनी अनिवार्य है।
  • जिस बिजनेस के लिए आप लोन लेना चाहते हैं उसकी पिछले साल की भरी गई आइटीआर रिटर्न कम से कम डेढ़ लाख या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन के लिए आपका घर या आपका बिजनेस दोनों में से एक जगह का आपके खुद के नाम पर होना बहुत अनिवार्य है।
  • जिस कंपनी कि प्लांट और मशीनरी और अन्य सामान मिलाकर टर्नओवर 5 करोड़ से ज्यादा ना हो। 

एमएसएमई पंजीकरण दस्तावेज

इसके अंतर्गत सभी व्यापारियों को पंजीकरण करवाने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है , जो इस प्रकार से निम्नलिखित दिए गए हैं।

  • आवेदनकर्ता का पैन कार्ड का प्रतिलिपि
  • आवेदनकर्ता के प्रमाण पत्र के रूप में आधार कार्ड , पासपोर्ट , ड्राइविंग , लाइसेंस आदि का प्रतिलिपि
  • इसके अतिरिक्त आवेदनकर्ता का पासपोर्ट साइज का फोटो
  • अगर लाभार्थी किसी किराए के संपत्ति में अपना उद्योग करता है , तो किराएदार का समझौता प्रमाण पत्र चाहिए
  • अगर लाभार्थी स्वयं की संपत्ति में अपने उद्योग को चलाता है , तो इसके लिए उसके सभी प्रकार के संपत्ति का दस्तावेज चाहिए
  • लाभार्थी का शपथ प्रमाण पत्र
  • लाभार्थी का घोषणा दस्तावेज और एनओसी
  • इसके अतिरिक्त लाभार्थी को उसके साक्षी के रूप में दो व्यक्ति चाहिए

एमएसएमई पंजीकरण ऑफिसियल वेबसाइट

एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन के लिए दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कोई भी उद्यमी अपना रजिस्ट्रेशन दर्ज करा सकते हैं। 

एमएसएमई पंजीकरण प्रक्रिया

एमएसएमई में पंजीकरण करवाने के लिए मुख्य रूप से दो प्रक्रियाएं शुरू की गई है , पहली प्रक्रिया ऑफलाइन और दूसरी प्रक्रिया ऑनलाइन रूप में पूरी की जा सकती है। आप अपने पंजीकरण की सुविधा अनुसार इन दोनों प्रक्रियाओं का चयन कर सकते हैं। हमने दोनों प्रक्रिया का वर्णन इस प्रकार से निम्नलिखित किया है।

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ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया :-

  • यदि आप छोटे या फिर मध्यमवर्गीय व्यापार को शुरू करना चाहते हैं , तो इसके लिए आपको सर्वप्रथम आपके व्यापार से संबंधित एमएसएमई के विभाग में जाना होगा और फिर वहां से अपने व्यापार से संबंधित आवेदन पत्र को प्राप्त करना होगा और इसमें पूछी जा रही सभी आवश्यक जानकारियों को बड़े ही ध्यान पूर्वक से भरना होगा।
  • अब अपने व्यापारिक दस्तावेजों को लेकर आप संबंधित विभाग में जाने के बाद आपको इन सभी आवेदन पत्रों की स्वयं से पुष्टि करने के बाद इसे आप वहां पर जमा करवा दें।
  • अपने पंजीकरण फॉर्म को जमा करने से पहले इस क्षेत्र में किसी संबंधित विशेषज्ञ से अपने दस्तावेजों की जांच करवाएं और इसके बारे में जानकारी प्राप्त करें।
  • इन सभी आवश्यक कार्यों को करने के बाद आपको अब अपने जिले के उद्योग केंद्र में जाना है और फिर वहां पर आपको अपने आवेदन पत्र को जमा करवा कर अपना पंजीकरण पूरा करवा लेना है।
  • अब आगे आपके आवेदन पत्र को संबंधित वेबसाइट विभाग में भेजा जाएगा और फिर वहां पर संबंधित व्यवसायिक अधिकारी आपके सभी प्रकार के दस्तावेजों की जांच करेंगे । स्पष्टीकरण होने के बाद आपके आवेदन को स्वीकृति प्रदान की जाती है और उसके बाद से आपको एमएसएमई का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है और फिर इसकी सूचना आपको पोस्ट ऑफिस या फिर ईमेल के जरिए प्रदान की जाती है।

ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया :-

  • इसके अंतर्गत यदि आप ऑनलाइन रूप में अपना पंजीकरण करवाना चाहते हैं , तो सर्वप्रथम आपको उद्योग आधार की  ऑफिशियल वेबसाइट पर आपको जाना होगा।
  • अब यहां पर आपसे आपका पंजीकरण पूरा करने के संबंधित कुछ आवश्यक जानकारियों पूछी जाती है और उन सभी जानकारियों को आपको बड़े ही ध्यान से पढ़ना और भरना होता है।
  • एमएसएमई की आधिकारिक पंजीकरण वेबसाइट पर आपको इसके आवेदन फॉर्म में पूछी जा रही सभी प्रकार की आवश्यक जानकारियों को बड़े ही ध्यान पूर्वक से भरना है। इतना करने के बाद आपको आपके आवेदन फॉर्म को ऑनलाइन रूप में सबमिट कर देना है।
  • अब आपके ऑनलाइन फॉर्म को सबमिट करने के बाद से आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर या फिर ईमेल पर आपको एक वेरिफिकेशन ओटीपी कोड भेजा जाता है , अब इस ओटीपी को प्राप्त करने के बाद आपको पंजीकरण फॉर्म के अंदर इसे दर्ज कर देना है। आपको नीचे कैप्चा भी दिखाई देगा कैप्चा कोड कोड दर्ज करने के बाद आपके आवेदन फॉर्म को आपको सबमिट कर देना है।
  • जब भी आप भविष्य में इस योजना के अंतर्गत कोई भी अपना नया व्यवसाय शुरू करते हैं , तो इस परिस्थिति में आपको अपना अंतिम बार एमएसएमई के अंतर्गत आपको अपना पंजीकरण पूरा करवाना होता है। यदि आप का पंजीकरण स्वीकार कर लिया जाता है , तब आपको एमएसएमई का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। फिर जब आप अपना उत्पादन शुरू करते हैं , तो इस परिस्थिति में आप स्थाई प्रमाण पत्र के लिए भी अपना आवेदन कर सकते हैं।

एमएसएमई टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर

अक्सर लोगों के दिमाग में सरकारी योजनाओं से संबंधित कई सारे सवाल एवं समस्याएं होती हैं जिन्हें सुलझाने के लिए प्रत्येक योजना का एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाता है। इसी तरह से यदि एमएसएमई से संबंधित कोई भी जानकारी या समस्या का समाधान आपको चाहिए हो तो आप नीचे दिए गए टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं या एमएसएमई के कांटेक्ट अस पेज पर जाकर सारे डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं। 

किसी भी सामान्य जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर- 011 2306 3288, 011 2306 3643

उद्यम रजिस्ट्रेशन के लिए टोल फ्री नंबर- 011 2306 1500, 011 2306 1546

प्राइम मिनिस्टर एंप्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम के लिए टोल फ्री नंबर:- 011 2306 3641

अन्य किसी जानकारी एवं सहायता प्राप्त करने के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट के हेल्प पेज पर जा सकते हैं। 

इस योजना के जरिए भारत सरकार सभी सूक्ष्मा छोटे और मध्यम वर्गीय उद्योगपतियों को उनके व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सहायता प्रदान करने का प्रावधान शुरू किया गया है , जिससे देश में और भी रोजगार के अवसर जरूरतमंदों को प्राप्त हो सके। इस योजना के भारत सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देना चाहती है।

 

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