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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत देश के किसानों को किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल में बर्बादी होने पर बीमा प्रदान किया जाएगा। इस योजना का कार्यान्वयन भारतीय कृषि बीमा कंपनी द्वारा किया जाता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में केवल प्राकृतिक आपदा जैसे कि सूखा पड़ना, ओले पड़ना आदि ही शामिल है। यदि किसी और वजह से फसल का नुकसान होता है तो बिमे की राशि नहीं प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 8800 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को खरीफ फसल का 2% और रवि फसल का 1.5% भुगतान बीमा कंपनी को करना होगा। जिस पर उन्हें बीमा प्रदान किया जाएगा। यदि आप भी इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा।

 

खरीफ फसल के लिए किया जाएगा 31 जुलाई तक पंजीकरण

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसलों की पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। किसान अपनी फसलों का पंजीकरण 31 जुलाई 2022 तक करवा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत खरीफ फसलों में धान, कपास, मक्का, बाजरा तथा मूंग का पंजीकरण किया जाएगा। इस बात की जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ विनोद कुमार जी के द्वारा प्रदान की गई है। इस योजना के अंतर्गत धन के लिए प्रीमियम की राशि 741 रुपए, कपास का प्रीमियम 1798 रुपए, मक्का के प्रीमियम की राशि 370.51 रुपए, बाजरे के प्रीमियम की राशि 348.70 रुपए तथा मूंग के प्रीमियम की राशि ₹326 रुपए प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है।

रबी की फसलों के लिए गेहूं का प्रीमियम ₹425, जो का प्रीमियम ₹277.88, सरसों का प्रीमियम ₹286.6, चने का प्रीमियम ₹212.50 तथा सूरजमुखी का प्रीमियम ₹277.88 प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। रबी फसलों का पंजीकरण 31 दिसंबर 2022 तक किया जाएगा। यदि कोई किसान अपना प्रीमियम नहीं करवाता है तो इस स्थिति में किसान को अंतिम 1 सप्ताह पहले संबंधित बैंक लिखित में देय करना होगा। यदि किसान बीमित फसल बदलना चाहता है तो इस स्थिति में अंतिम तिथि से 2 दिन पहले अपने बैंक को सूचित करना होगा।

मेरी पॉलिसी में राहत अभियान का शुभारंभ

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी के द्वारा एक राष्ट्रीय अभियान आरंभ किया गया है। इस अभियान का नाम मेरी पॉलिसी मेरा हाथ है। इस अभियान का आरंभ इंदौर से 35 किलोमीटर दूर बुरी बलाई गांव में किया गया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की पहुंच देशभर के किसानों तक सुनिश्चित करना है। इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 18 फरवरी 2016 को की गई थी। फसल बीमा योजना के तहत फसलों को सूखा, आंधी, तूफान, बे मौसम बारिश, बाढ़ आदि जैसे जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की स्थिति में किसानों को किफायती दर पर बीमा प्रदान करना है। अब तक लगभग 36 करोड किसानों को इस योजना का लाभ प्रदान किया गया है।

मेरी पॉलिसी मेरे हाथ अभियान को 1 महीने तक संचालित किया जाएगा। जिसमें रबी 2021-22 के अंतर्गत बीमित सभी किसानों को उनके घर जाकर फसल बीमा के दस्तावेज प्रदान किए जाएंगे। इस अभियान के माध्यम से प्राकृतिक खेती, ड्रोन, ई सैंपल जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी से भी परिचित कराया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी किसानों तक सरकार की नीतियों, भूमि रिकॉर्ड दावे की प्रक्रिया और शिकायत निवारण के बारे में सभी जानकारी प्राप्त हो रही है या नहीं। अब तक इस योजना के माध्यम से 107000 करोड़ से अधिक की राशि किसानों के खाते में वितरित की गई है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 49 लाख किसानों के खाते में किया गया भुगतान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 49 लाख किसानों को 7618 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया है। राज्य के बेतूल जिले में सबसे ज्यादा किसानों को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री जी द्वारा बेतूल जिले से ही कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री जी द्वारा यह राशि किसानों के खाते में ट्रांसफर की गई। यह राशि खरीफ 2020 एवं रबी 2020-21 मैं हुए फसल के नुकसान की भरपाई करने के लिए जारी की गई है। मुख्यमंत्री जी द्वारा यह भी जानकारी प्रदान की गई कि इस योजना के अंतर्गत पहले 2878 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था।

अब तक लगभग 10,494 करोड़ रुपए राज्य सरकार द्वारा किसानों के खाते में इस योजना के अंतर्गत ट्रांसफर किए गए हैं। पिछले 22 महीने में सरकार द्वारा 1.76 लाख करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में वितरित की गई है। सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र का विकास करने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। जिसके लिए सरकार विभिन्न प्रकार की योजनाओं का कार्यान्वयन कर रही है।

31 दिसंबर 2021 तक किया जाएगा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आवेदन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी सीजन के लिए कार्य आरंभ कर दिया गया है। लाभार्थियों द्वारा किसान बैंक में अपनी फसल के अनुसार प्रीमियम जमा करके इस योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। पात्र लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं। इस बात की जानकारी उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ कृष्ण कुमार द्वारा प्रदान की गई है। राबी सीजन के लिए किसानों द्वारा मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण किया जा सकता है। इस पोर्टल पर अपनी फसल का सटीक विवरण भरना होगा।

इसके अलावा फसलों की स्थिति स्पष्ट करने भी अनिवार्य है। कई केस ऐसे हैं जो गेहूं के खेत में गेहूं के साथ सरसों भी बोई होती है। इस स्थिति में परेशानी आ सकती है। इसलिए केसीसी किसानों द्वारा 13 दिसंबर 2021 अपनी फसलों की स्तिथि बैंक में जाकर स्पष्ट करने अनिवार्य है जिससे कि भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। वह सभी किसान जो इस योजना का लाभ नहीं उठाना चाहते उन्हें बैंक में जाकर प्रीमियम ना कटवाने के लिए लिखित निवेदन करना होगा। जिसके लिए 15 दिसंबर 2021 से पहले बैंक में जाना होगा। बैंक द्वारा केसीसी धारक किसानों का प्रीमियम काटने की कार्रवाई 15 दिसंबर के बाद आरंभ कर दी जाती है। इसके पश्चात कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों की कवरेज

  • सभी किसान इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।
  • जिसमें अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों को उगाने वाले बटाईदार एवं किश्तकार किसान भी शामिल हैं।
  • परंतु बीमित फसलों और भूमि के लिए किसानों का बीमा योग्य होना अनिवार्य है।
  • सभी किसानों को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होंगे। 
  • बटाईदार एवं किराएदार किसानों की स्थिति किसानों को अनिवार्य रूप से अपनी आधार संख्या एवं बोई गई फसल के बारे में घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्रॉप

  • फूड क्रॉप
  • ऑयल सीड्स
  • एनुअल कमर्शियल/एनुअल हॉर्टिकल्चर क्रॉप्स
  • परेनियल हॉर्टिकल्चर/कमर्शियल क्रॉप्स

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रिस्क कवरेज

  • इस योजना के अंतर्गत बेसिक कवर किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रदान किया जाएगा।
  • बेसिक कवरेज के अलावा इस योजना के अंतर्गत ऐडऑन कवरेज का विकल्प भी चुना जा सकता है जिसमें निम्नलिखित कवरेज शामिल की गई है।
    • प्रिंटेड सोइंग/प्लांटिंग/जर्मिनेशन रिस्क
    • मिड सीजन एडवर्सिटी
    • पोस्ट हार्वेस्ट लॉसेस
    • लोकल कैलेमिटीज
    • वाइल्ड एनिमल अटैक

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