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प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र 2022

भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए आरंभ किया गया है। जन औषधि केंद्र के माध्यम से नागरिकों को जेनेरिक दवाइयां कम मूल्य पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। यह दवाइयां ब्रांडेड दवाइयां जितनी ही प्रभावी होंगी। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र 2022 योजना को फार्मा एडवाइजरी फोरम द्वारा 23 अप्रैल 2008 को आयोजित बैठक में आरंभ करने का निर्णय लिया गया था। प्रत्येक जिले में योजना के अंतर्गत एक आउटलेट खोलने का निर्णय लिया गया था। देश के 734 जिलों में यह केंद्र खोले जाएंगे।

इस योजना का संचालन फार्मास्यूटिकल एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा। जिसे वर्ष 2008 में डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल के अंतर्गत आरंभ किया गया था। कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा देश के नागरिकों के लिए कम कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा केंद्रीय फार्मा सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों और निजी क्षेत्रों से दवाओं की खरीद की जाएगी एवं योजना की निगरानी की जाएगी।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उद्देश्य

 

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र  का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को कम मूल्य पर दवाइयां उपलब्ध करवाना है। इस योजना के माध्यम से जेनेरिक दवाइयां कम मूल्य पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। यह दवाइयां ब्रांडेड दवाइयों जितनी ही प्रभावी होंगी। अब देश के सभी आर्थिक रूप से कमजोर नागरिक दवाइयां प्राप्त कर सकेंगे। यह योजना देश के नागरिकों के स्वास्थ्य को सुधारने में कारगर साबित होगी। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से देश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र कई नागरिकों को रोजगार का अवसर भी प्रदान करेगी। जिससे कि देश की बेरोजगारी दर में भी गिरावट आएगी।

 

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के लाभ तथा विशेषताएं

  • भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना का शुभारंभ किया गया है।
  • इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए आरंभ किया गया है।
  • जन औषधि केंद्र के माध्यम से नागरिकों को जेनेरिक दवाइयां कम मूल्य पर उपलब्ध करवाई जाएंगी।
  • यह दवाइयां ब्रांडेड दवाइयां जितनी ही प्रभावी होंगी।
  • इस योजना को फार्मा एडवाइजरी फोरम द्वारा 23 अप्रैल 2008 को आयोजित बैठक में आरंभ करने का निर्णय लिया गया था।
  • प्रत्येक जिले में योजना के अंतर्गत एक आउटलेट खोलने का निर्णय लिया गया था।
  • देश के 734 जिलों में यह केंद्र खोले जाएंगे।
  • प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन फार्मास्यूटिकल एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा।
  • जिसे वर्ष 2008 में डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल के अंतर्गत आरंभ किया गया था।
  • कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा देश के नागरिकों के लिए कम कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
  • इसके अलावा केंद्रीय फार्मा सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों और निजी क्षेत्रों से दवाओं की खरीद की जाएगी एवं योजना की निगरानी की जाएगी।
  • 16 मार्च 2022 को सरकार द्वारा यह जानकारी प्रदान की गई कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना के अंतर्गत फरवरी 2022 तक 8689 केंद्र खोले जा चुके हैं।
  • इन केंद्रों के माध्यम से प्रदान की गई दवाइयां ब्रांडेड दवाइयों से 50% से 90% कम दाम में प्रदान की जाती हैं।
  • इस योजना के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2022- 23 में 814.21 करोड़ की बिक्री की गई है।
  • जिसके माध्यम से नागरिकों की लगभग 4800 करोड रुपए की बचत हुई है।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के मार्जिन एवं प्रोत्साहन

  • प्रत्येक दवा के एमआरपी पर ऑपरेटिंग एजेंसी द्वारा 20% का मार्जिन प्रदान किया जाएगा।
  • विशेष प्रोत्साहन: महिला उद्यमी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े इलाकों में खोले गए जन औषधि केंद्र के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। उद्यमियों को सामान्य प्रोत्साहन के अतिरिक्त ₹200000 दिए जाएंगे। जिसमें ₹150000 फर्नीचर एवं फिक्सचर के लिए एवं ₹50000 कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रिंटर, स्कैनर आदि के लिए प्रदान किए जाएंगे। यह राशि एकमुश्त अनुदान होगी। जिसे बिल जमा करने पर ही प्रदान किया जाएगा। केवल वास्तविक व्यय तक ही यह राशि सीमित होगी।
  • नॉर्मल इंसेंटिव: अन्य उद्यमियों/फार्मेसिस्ट/गैर सरकारी संगठनों आदि द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को ₹500000 तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। जिसे पीएमबीआई से की गई मासिक खरीद की 15% की दर से प्रोत्साहित किया जाएगा। एक माह में अधिकतम ₹15000 ही प्रदान किए जाएंगे। जिसकी कुल सीमा ₹500000 होगी। यह प्रोत्साहन महिला उद्यमी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े जिलों में खोले गए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को भी प्रदान किया जाएगा।

जन औषधि केंद्र खोलने के लिए अनिवार्य संरचना

  • 120 फीट का खुद का या किराए का स्थान उचित पट्टा समझौते या स्थान आवंटन पत्र द्वारा समर्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र चलाने के लिए जगह की व्यवस्था आवेदक को खुद करनी होगी
  • फार्मेसिस्ट हासिल करने का प्रमाण
  • यदि आवेदक महिला उद्यमी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आकांक्षी जिले के किसी भी उद्यमी की श्रेणी के अंतर्गत है जिसे नीति आयोग द्वारा अधिसूचित किया गया है ऐसे आवेदक को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
  • वह सभी जिले जहां पर जनसंख्या 10 लाख से अधिक है इस स्थिति में दो केंद्रों के बीच 1 किलोमीटर की दूरी होना अनिवार्य है।
  • वह जिले जहां पर जनसंख्या 10 लाख से कम है इस स्थिति में दो केंद्रों के बीच डेढ़ किलोमीटर की दूरी होना अनिवार्य है।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के अंतर्गत एप्लीकेशन फीस

  • इस योजना के अंतर्गत आवेदन पत्र के साथ ₹5000 रुपए की नॉन रिफंडेबल आवेदन शुल्क जमा की जाएगी।
  • महिला उद्यमियों, दिव्यांग, एससी, एसटी और नीति आयोग द्वारा अधिसूचित महत्वकांक्षी जिलों के किसी भी उद्यमी से आवेदन शुल्क की प्राप्ति नहीं की जाएगी।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण दिशा निर्देश

  • केंद्र संचालक को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने से पहले एक एग्रीमेंट साइन करना होगा।
  • प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को सरकारी दिशानिर्देशों के साथ संचालित किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के नाम से दवा लाइसेंस प्राप्त करना और दवा की दुकान चलाने के लिए अन्य अनुमति प्राप्त करने की जिम्मेदारी आवेदक की होगी।
  • सभी वैधानिक आवश्यकताओं का अनुपालन करने की जिम्मेदारी भी आवेदक की होगी।
  • आवेदक परिसर का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए करेगा जिसके लिए वह आवंटित किया गया है।
  • सभी बिलिंग पीएमबीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए सॉफ्टवेयर का उपयोग करके की जाएंगी। सॉफ्टवेयर का उपयोग किए बिना किसी भी दवा को नहीं बेचा जा सकता।
  • ऑपरेटर द्वारा पीएमबीआई के उत्पादों के अलावा कोई और दवा बेचने की अनुमति नहीं प्रदान की जाएगी।
  • माल की प्रेषण के लिए अग्रिम भुगतान के विरुद्ध आपूर्ति की जाएगी।

पीएम जन औषधि केंद्र के अंतर्गत PMBI का रोल

  • इस योजना के उचित कार्यान्वयन के लिए पीएमबीआई द्वारा सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • पीएमबीआई द्वारा अपनी आपूर्ति श्रंखला के माध्यम से प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र को जेनेरिक दवाइयां, सर्जिकल वस्तु आदि की आपूर्ति की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए पात्रता

  • व्यक्तिगत आवेदक के पास डी फार्मा/बी फार्मा की डिग्री होनी चाहिए या फिर डिग्री धारक को नियुक्त करना अनिवार्य है। जिसका प्रमाण आवेदन जमा करते समय या अंतिम अनुमोदन के समय प्रस्तुत करना होगा।
  • यदि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को कोई एनजीओ या फिर संगठन खोलना चाहता है तो बी फार्मा या डी फार्मा डिग्री धारक को नियुक्त करना अनिवार्य है एवं आवेदन जमा करते समय या अंतिम अनुमोदन के समय इसका प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
  • सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में अस्पताल परिसर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के नियम गैर सरकारी संगठन तथा चैरिटेबल ऑर्गेनाइजेशन को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

महत्वपूर्ण दस्तावेज

इंडिविजुअल स्पेशल इंसेंटिव

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • सर्टिफिकेट ऑफ एससी/एसटी या दिव्यांग सर्टिफिकेट
  • फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
  • इनकम टैक्स रिटर्न पिछले 2 वर्ष का
  • बैंक स्टेटमेंट पिछले 6 माह की
  • जीएसटी डिक्लेरेशन
  • अंडरटेकिंग
  • डिस्टेंस पॉलिसी की डिक्लेरेशन

इंडिविजुअल

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
  • इनकम टैक्स रिटर्न पिछले 2 वर्ष का
  • बैंक स्टेटमेंट पिछले 6 माह की
  • जीएसटी डिक्लेरेशन
  • डिस्टेंस पॉलिसी की डिक्लेरेशन

इंस्टीट्यूट/एनजीओ/चैरिटेबल इंस्टिट्यूट/हॉस्पिटल आदि

  • एनजीओ की स्थिति में दर्पण आईडी
  • पैन कार्ड
  • रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
  • फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
  • आइटीआर 2 वर्ष का
  • 6 माह की बैंक स्टेटमेंट
  • जीएसटी डिक्लेरेशन
  • डिस्टेंस पॉलिसी की डिक्लेरेशन

गवर्नमेंट/गवर्नमेंट नॉमिनेटेड एजेंसी

  • डिपार्टमेंट की डिटेल
  • पैन कार्ड
  • सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट
  • फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
  • पिछले 2 वर्षों का आईडिया (प्राइवेट एंटिटी की स्थिति में)
  • पिछले छह माह की बैंक स्टेटमेंट प्राइवेट एनटीटी की स्थिति में
  • जीएसटी डिक्लेरेशन
  • डिस्टेंस पॉलिसी की डिक्लेरेशन

 

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