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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई)

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) की अनुमानित लागत 20,050 करोड़ रुपये है। इस योजना से मछली पालन के क्षेत्र में शामिल मछुआरों, मछली किसानों, मछली श्रमिकों, मछली विक्रेताओं और अन्य हितधारकों को लाभ मिल रहा है।

केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारें किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं। किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास करें और वे खेती से ही बेहतर जीवन जी सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की एक विशेष योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) मछुआरों के लिए चलाई जा रही है।

मत्स्य पालन अब अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। इसलिए सरकार मछली पालन को बढ़ावा दे रही है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली प्रजनक और चौथा सबसे बड़ा मछली निर्यातक है। भारत में बड़ी संख्या में लोग मछली पालन से जुड़े हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मछली पालन के विकास के लिए एक बड़ी कवायद के साथ मत्स्य संपदा योजना शुरू की है।

यह योजना 2024-25 तक लागू रहेगी योजना

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की अनुमानित लागत 20,050 करोड़ रुपये है। इस योजना से मछली पालन के क्षेत्र में शामिल मछुआरों, मछली किसानों, मछली श्रमिकों, मछली विक्रेताओं और अन्य हितधारकों को लाभ मिल रहा है।

इस योजना का उद्देश्य नीली क्रांति के माध्यम से देश में मत्स्य पालन क्षेत्र का सतत और जवाबदेह विकास सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को पूरे 5 साल के लिए लागू किया गया है। वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक लागू रहेगा।

यह योजना जलकृषि क्षेत्र की गंभीर कमियों को दूर करते हुए उसकी क्षमता का पूरा उपयोग करने में सक्षम होगी। वहीं एक्वाकल्चर सेक्टर में सालाना 9 फीसदी की वृद्धि के साथ 2024-25 तक 22 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल किया जाएगा.

रोजगार और आय के बेहतर अवसर मिलेंगे

यह योजना मछली पालन के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों के अधिग्रहण और मछली पालन के लिए बेहतर जलीय प्रबंधन को भी बढ़ावा देगी। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत वैल्यू चेन विकसित की जाएगी।

यह योजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी लोगों को बेहतर रोजगार और आय के अवसर प्रदान करेगी। यह मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा, जिससे मछली उत्पादकों को बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी। साथ ही यह वर्ष 2024 तक मछली पालन से जुड़े किसानों की आय को दोगुना करने में भी मदद करेगा।

इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?

PMMSY के तहत सरकार 3 लाख रुपये का कर्ज देती है। इसका लाभ मछली प्रजनकों, मछली श्रमिकों और मछली विक्रेताओं, मत्स्य विकास निगम, स्वयं सहायता समूहों, मत्स्य पालन क्षेत्र, मत्स्य सहकारी समितियों, मत्स्य संघों, उद्यमियों और निजी फर्मों और मछली किसान उत्पादक संगठनों द्वारा उठाया जा सकता है।

योजना का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेज

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, मत्स्य पालन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, संपर्क नंबर, बैंक खाता विवरण और आवेदक का जाति प्रमाण पत्र हैं। PMMSY में इन दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

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